Thursday, January 15, 2009

-:मेरी महबूबा:-

- विवेक प्रकाश यादव "विभु" (उम्र ६ वर्ष )

(प्रकाश यादव निर्भीक जी के सुपुत्र हैं विवेक |)

तेरी खुशबू से मुझे लगता है,
कि मैं तुमसे शादी करुँगा,
और मैं तेरा महबुबा बनुँगा,
तुम भी मेरी महबुबा,
तुम तो बहुत खुबसूरत हो,
लोग देखेगें शादी करते हुए,
फिर फूल फेकेगेँ,
कि तुम इतनी खुबसूरत लगोगी,
कि लोग देखकर ही मर जायेगें,
और मैं तुमसे प्यार करता ही रहूँगा,
ये प्यार कभी नहीं टुटेगा,
तुम्हें कभी नहीं छोडूँगा,
किसी के पास नहीं जाने दूँगा,
हरदम अपने साथ रखुँगा-

5 comments:

  1. बहुत सुंदर संकलन है आपका

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  2. बहुत सुंदर...आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है.....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  3. Blog ko chhitajagat main shamil karke bahut achha kaam kiya hai aapne
    aapke is prayas ke liye bahut bahut subhkamnye
    mujhe aapne shamil kiya uske liye man se aabhari hoon

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